ind vs nz


 भारतीय टीम (Indian Cricket Team) पिछले एक दशक से दुनिया की सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट टीमों में से एक रही है। भारत ने पिछले एक दशक में टेस्ट, वनडे और T20 तीनों में ही बेहद अच्छा प्रदर्शन किया है। इस दशक की शुरुआत में भारत ने विश्व कप 2011 (World Cup 2011) का खिताब जीता। यही नहीं इस जीत के 2 साल बाद टीम ने चैंपियंस ट्राफी (Champions Trophy 2013) पर भी कब्जा किया।

 हालांकि इसके बाद भारत 2014 T20 वर्ल्ड कप, 2015 विश्व कप, 2016 T20 वर्ल्ड कप, 2017 चैंपियंस ट्रॉफी और 2019 विश्व कप जैसे आईसीसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल में हार गया। भारत ने इन सभी टूर्नामेंट (Tournaments) में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और हर बार सेमीफाइनल में जगह बनाई। हालांकि अहम मौकों पर कुछ गलतियां करने की वजह से भारतीय टीम (India) हर बार खिताब जीतने से चूक गई।

इन सभी टूर्नामेंट में नॉकआउट चरण में हार (loss) के कुछ मुख्य कारण रहे हैं। हर क्रिकेट प्रशंसक ने अपनी सोच के हिसाब से इनके अलग-अलग कारण गिनाए हैं। इनमें से कुछ कारण ऐसे हैं जिससे हर क्रिकेट प्रशंसक सहमत होता है।

पिछले 5 आईसीसी टूर्नामेंट (ICC Tournaments) में भारत के हारकर बाहर होने के मुख्य कारणों की समीक्षा (Analysis):

5. टी20 वर्ल्ड कप फाइनल, 2014



फाइनल मैच में भारत को श्रीलंका का सामना करना था।
कोहली (Virat Kohli) ने पूरे टूर्नामेंट की तरह ही फाइनल में भी शानदार पारी खेलते हुए 77 रन बनाएं। हालांकि युवराज सिंह ने 21 गेंदों पर मात्र 12 रन की पारी खेली और टीम 4 ही विकेट गंवाने के बावजूद मात्र 130 रन  बना सकी। जवाब में श्रीलंका ने संगकारा की 52 रनों की पारी की बदौलत आसानी से से लक्ष्य हासिल कर लिया। 

इस हार के मुख्य दो कारण रहे। पहला युवराज (Yuvraj Singh) का बड़े शॉट न लगा पाना, और दूसरा टीम मैनेजमेंट द्वारा उनको खराब फॉर्म में होने के बावजूद एमएस धोनी (MS Dhoni) और सुरेश रैना से ऊपर बैटिंग के लिए भेजना।

4. विश्व कप सेमीफाइनल, 2015




2015 विश्व कप (World Cup 2015) में भारतीय टीम ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया था। शुरुआत में कमजोर लग रही भारतीय टीम की तेज गेंदबाजी तिकड़ी ने टूर्नामेंट में ज्यादातर विपक्षी टीमों को ऑलआउट किया था। सेमीफाइनल में भारत का सामना आस्ट्रेलिया से हुआ और भारतीय गेंदबाजी ने स्टीव स्मिथ (105 रन) के आगे घुटने टेक दिए। 

यही नहीं मिचेल जॉनसन ने भी आखिर में भारतीय गेंदबाजों की खूब धुनाई की थी। नतीजतन ऑस्ट्रेलिया 328 रन बनाने में सफल रहा, जिसके जवाब में भारतीय टीम 233 पर सिमट गई। इस हार के मुख्य कारण निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ ज्यादा रन लुटाना और बेहद गैर जिम्मेदाराना बल्लेबाजी रही।

3. टी20 विश्व कप सेमीफाइनल, 2016



2016 टी20 विश्व कप (World T20 2016) के सेमीफाइनल में भारत का सामना वेस्टइंडीज (West Indies) से हुआ। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने विराट कोहली की नाबाद 90 रनों की पारी की बदौलत 192 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में बेहद लचर गेंदबाजी की वजह से 2 गेंद शेष रहते ही भारत को हार का सामना करना पड़ा।

 इस हार का मुख्य कारण भारतीय टीम की गेंदबाजी रही। आर अश्विन और हार्दिक पांड्या ने दो बार नो बॉल फेंक कर लेंडल सिमंस को जीवनदान दिया। इसका फायदा उठाते हुए सिमंस ने बेहतरीन पारी खेलकर भारत के जबड़े से जीत छीन ली।

2. चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल, 2017


2017 चैंपियन्स ट्रॉफी के फाइनल में भारत (Indian Cricket Team) का सामना चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से हुआ। भारतीय टीम फॉर्म में थी, जबकि पाकिस्तान (Pakistan) जैसे तैसे फाइनल में पहुंची थी।उम्मीद से विपरीत इस मैच में भारतीय गेंदबाजों ने काफी अनुशासनहीन गेंदबाजी की।

 हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) को छोड़कर कोई भी गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया। जसप्रीत बुमराह ने शुरुआत में फखर जमां को आउट किया लेकिन यह गेंद नो बॉल निकली। यहां से जमां और बाकी पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 338 रन बोर्ड पर टांग दिए। बाद में पाकिस्तानी गेंदबाजों ने कहर बरपाते हुए 100 रन के भीतर ही भारत के 6 विकेट ले लिए थे।

 बाद में हार्दिक पांड्या ने कुछ उम्मीदें बनाई थी लेकिन वह रन आउट हो गए। आखिर में भारत बड़े अंतर से यह मैच हार गया। भले ही कुछ फैंस रन आउट के लिए जडेजा को इस हार का दोषी मानते हैं लेकिन सच तो यह है कि भारत की अतिआत्मविश्वास भरी गेंदबाजी और ऊपरी क्रम के बल्लेबाजों की लचर बल्लेबाजी इस हार का मुख्य कारण है।

1. विश्व कप सेमीफाइनल, 2019

 2019 विश्व कप (World Cup 2019) में भारतीय टीम ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली। सेमीफाइनल में भारत का सामना न्यूजीलैंड (New Zealand) से हुआ। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की कसी हुई गेंदबाजी (Bowling) के सामने 239 रन का स्कोर खड़ा किया। युजवेंद्र चहल ने बाकी गेंदबाजों से काफी ज्यादा रन लुटा दिए, वरना यह स्कोर कम रहता। भारतीय पारी के दौरान न्यूजीलैंड ने पहले 4 ओवरों में ही भारत के शीर्ष 3 विकेट चटका दिए।

 फिर दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) भी चलते बने। यहां से ऋषभ पंत और हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) ने संभलकर बल्लेबाजी की। फिर वे भी खराब शॉट खेलकर चलते बने। टीम का स्कोर 92/6 हो चुका था और यहां से धोनी (MS Dhoni) और जडेजा (Ravindra Jadeja) ने अच्छी बल्लेबाज़ी करते हुए टीम को उम्मीद दिखाई। हालांकि अंतिम समय में जडेजा बड़े शॉट मारने के चक्कर में हो गए। इसके बाद एमएस धोनी भी रन आउट हो गए जिसकी वजह से टीम को हार का सामना करना पड़ा। इस हार के मुख्य कारण शीर्ष क्रम की नाकामयाबी और धोनी (MS Dhoni) को काफी नीचे भेजने का फ़ैसला रहा।

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